*।। काल का रहस्य - आज में जीने की कला ।।*
हम सबने कल देखा है, आज देख रहे हैं और आशा है कि कल भी देखेंगे।
गुजरे कल जैसा आज नहीं है, न आगे कभी आएगा।
उसकी यादें अवश्य आयेंगी, बार-बार आयेंगी।
कल की विशेषता है कि वह फिर कभी लौटकर नहीं आता।
वह कल राजा का हो या रंक का हो। मृत्युलोक में हर जीव कल, आज और आने वाले कल की सीमाओं से बंधा है इसलिए इसके भेद को समझकर गहरा रहस्य जानना अपरिहार्य है।
जो मानव इस रहस्य से आत्मसात कर लेता है, उसको समस्त सफलताएं मिल सकती हैं।
आज का हर पल अनमोल है, इसे व्यर्थ गँवाना मूर्खता है।
कल के सपनों को साकार करने का एकमात्र मार्ग आज का कर्म है।
भूत की स्मृतियाँ हमें सीख देती हैं, पर बंधन नहीं बनना चाहिए।
भविष्य की चिंता छोड़कर वर्तमान में पूर्ण समर्पण ही मुक्ति देता है। काल को जानना समय को पहचानना यह सफलताओं की भी सफलता है।
कल एक छलावा है, भटकाव है इसे त्यागकर आज पर ही ध्यान एवं शक्ति को केंद्रित करना चाहिए।
इसका यह अर्थ नहीं है कि कल की कोई कीमत नहीं।
*आज का दिन शुभ मंगलमय हो।*
*astrosanjaysinghal*