श्रीमद्भगवद्गीता

*।। कल नहीं, आज करें ।।* अपने कार्यों को कल के लिए छोड़ने का नहीं अपितु आज में करने का स्वभाव बनाओ। आज के काम को कल पर टालने की प्रवृत्ति ही जीवन को विषादयुक्त बना देती है। वर्तमान समय में किसी भी व्यक्ति के जीवन में तनाव का एक प्रमुख कारण अव्यवस्थित जीवन शैली ही है। यदि आपकी दिनचर्या अव्यवस्थित है तो याद रखना कि आपकी रात्रि भी तनावपूर्ण होने वाली है। अपने कार्य को समय पर करना सीखो और दूसरों के ऊपर मत छोड़ो। आपकी खिन्नता एवं अशांत जीवन का कारण आप स्वयं ही हैं। जब आपके द्वारा अपने कार्यों को स्वयं न करके किसी और के ऊपर छोड़ दिया जाता है तो वही गलती आपके तनावों का एक प्रमुख कारण भी बन जाती है। अपने कार्य को स्वयं और समय पर न करना ही जीवन में तनाव और अशांति का प्रमुख कारण है। आपकी आदर्श जीवनशैली ही समाज में आपके जीवन को एक आदर्श बना देती है। *आज का दिन शुभ मंगलमय हो।* *astrosanjaysinghal*